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SHE-MART Mission 2026: ग्रामीण महिलाओं के लिए बड़ा अवसर – पूरी जानकारी

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भारत सरकार ने Union Budget 2026-27 (साल 2026-27 का केंद्रीय बजट) में महिलाओं और Self Help Groups (SHG) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है, जिसका नाम SHE-MART Mission है। इसे “Self-Help Entrepreneur Marts” के रूप में पेश किया गया है, जिसका मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल ऋण लेने वाली से व्यवसाय की मालिक बनाना है। इस योजना का फ़ोकस महिलाओं को बाज़ार तक पहुंच देना, स्थायी आय के अवसर देना और उनके उत्पादों को व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में विकसित करना है।

SHE-MART Mission क्या है?

SHE-MART Mission एक सरकारी पहल है, जिसमें Self-Help Entrepreneur (SHE) मार्ट्स की स्थापना की जाएगी। यह मार्ट्स मुख्य रूप से गाँवों और छोटे कस्बों में स्थित सामुदायिक खुदरा आउटलेट्स होंगे, जहाँ SHG महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक बेचा जाएगा। इससे महिलाओं को पारंपरिक बिचौलियों पर निर्भर होने की बजाय स्वयं व्यवसाय चलाने का अवसर मिलेगा।

“SHE” का अर्थ Self-Help Entrepreneur होता है, यानी स्वयं सहायता उद्यमी। इसका लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को Microfinance या ऋण आधारित आजीविका से ऊपर उठाकर वास्तविक व्यवसाय के मालिक बनाना है।

योजना का मकसद – Objectives

SHE-MART Mission के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

1. महिलाओं को बाजार तक सीधी पहुँच देना

इस मिशन के माध्यम से SHG महिलाओं के उत्पादों को स्थायी खुदरा प्लेटफॉर्म मिलेगा जहाँ उनके उत्पाद सीधे बेचे जाएंगे।

2. आजीविका से व्यवसाय में रूपांतरण

Microfinance आधारित आजीविकाओं की तुलना में महिलाओं को enterprise ownership के रूप में सक्षम बनाया जाएगा।

3. उत्पादों की ब्रांडिंग और मूल्य संवर्धन

मार्ट के जरिए उत्पाद की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग में सहायता दी जाएगी।

4. स्थिर और नियमित आय के अवसर

महिलाओं को केवल अस्थाई रोजगार नहीं, बल्कि स्थिर और सतत आय के स्रोत उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

5. SHGs और CLFs का सुदृढ़ीकरण

Self-Help Groups (SHGs) और उनके Cluster Level Federations (CLFs) के माध्यम से संगठित बाजार नेटवर्क का विकास।

योजना से कौन लाभान्वित होगा?

यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण, अर्ध-शहरी और SHG से जुड़ी महिलाओं के लिए लक्षित है। जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सकता है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • SHG की सक्रिय महिला सदस्य
  • Lakhpati Didi प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित महिलाएं
  • ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन या हस्तशिल्प गतिविधियों से जुड़ी महिलाएं
  • कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प या अन्य उत्पादन से जुड़ी महिला उद्यमी

कौन-कौन से उत्पाद बिक्री के लिए होंगे?

SHE-MART Mission के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के उत्पादों को बाजार में पेश किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:

  • हस्तशिल्प और पारंपरिक सामान
  • कृषि आधारित और ऑर्गेनिक उत्पाद
  • स्थानीय खाद्य और स्वास्थ्य उत्पाद
  • सुंदरता और व्यक्तिगत उपयोग सामग्री
  • घरेलू सजावट और अन्य कारीगरी वस्तुएँ

यह योजना महिलाओं को सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उनकी उत्पाद क्षमता, पैकेजिंग, गुणवत्ता और विपणन को भी आगे बढ़ाती है।

योजना से जुड़े लाभ

सशक्त व्यवसाय संचालन

महिलाएँ अब ऋण आधारित आजीविका से ऊपर उठकर अपने खुद के बिजनेस के मालिक बन पाएंगी।

✔ बाजार तक सीधी पहुँच

समुदाय स्तर पर स्थापित मार्ट्स से उत्पादों को स्थानीय और वृहद बाजार तक पहुंचाने का मौका मिलेगा।

✔ ब्रांडिंग और पैकेजिंग सहायता

सरकारी समर्थन से उत्पादों का ब्रांडिंग और पैकेजिंग करना आसान होगा, जिससे उनकी कीमत और मांग बढ़ेगी।

✔ सीख और कौशल विकास

भाग लेने वाली महिलाओं को रिटेल मैनेजमेंट, इन्वेंटरी और कस्टमर सर्विस जैसी स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी।

✔ स्थिर आय और ग्राहक नेटवर्क

समूह आधारित व्यवसाय मॉडल से महिलाओं को लगातार आय प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

पात्रता – Eligibility

SHE-MART Mission में भाग लेने के लिए संभावित पात्रता इस प्रकार है:

  1. महिला को Self-Help Group (SHG) की सक्रिय सदस्यता होनी चाहिए।
  2. SHG को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत पंजीकृत होना चाहिए।
  3. Lakhpati Didi कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
  4. स्थानीय कारीगरों और निर्माता समूहों को भी भाग लेने का अवसर।

आवेदन कैसे करें – How to Apply

SHE-MART Mission के लिए ऑनलाइन आवेदन के लिए कोई सेंट्रल वेब पोर्टल जारी नहीं किया गया है, लेकिन कार्यक्रम अपने आप SHG/CLF स्तर के आधार पर लागू होता है। आवेदन लगभग इस प्रकार होता है:

Step-by-Step प्रक्रिया

  1. SHG में शामिल हों:
    अपने गाँव या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करके स्थानीय Self-Help Group में रजिस्टर करें।
  2. CLF के साथ सम्पर्क:
    अपनी SHG को Cluster Level Federation (CLF) से जोड़ें।
  3. प्रस्ताव जमा करें:
    अपने उत्पादों की सूची और उत्पादन क्षमता के साथ प्रस्ताव CLF के माध्यम से जमा करें।
  4. शॉर्टलिस्टिंग:
    उत्पादों की गुणवत्ता, मात्रा और बाज़ार योग्यता के आधार पर चयन किया जाएगा।
  5. प्रशिक्षण और ऑनबोर्डिंग:
    चयनित SHGs को रिटेल मैनेजमेंट, डिजिटल पेमेंट और ग्राहक सेवा पर प्रशिक्षण मिलेगा।
  6. मार्ट में जगह प्राप्त करें:
    चयनित समूहों को अपने स्थानीय SHE-Marts के आउटलेट में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

नोट: हर राज्य/क्लस्टर का अलग पोर्टल या संचालन पद्धति हो सकता है, इसलिए स्थानीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।

SHE-MART Mission और Lakhpati Didi कार्यक्रम

SHE-MART Mission को लखपति दीदी कार्यक्रम का अगला चरण माना जा रहा है। लखपति दीदी योजना का लक्ष्य SHG की महिलाओं को आर्थिक रूप से 1 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले व्यवसायी बनाना है, और यही कनेक्शन SHE-Marts के जरिए उन्हें व्यवसाय की वास्तविक पहचान देने का लक्ष्य है।

निष्कर्ष

SHE-MART Mission 2026 एक ऐसा उपाय है जिसे भारत सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उद्यमिता के लिए पेश किया है। यह केवल एक सपोर्टिव फंड या ऋण योजना नहीं है, बल्कि महिलाओं को बाज़ार का मालिक, उत्पादक और विक्रेता बनाने का ठोस कदम है। इस योजना से SHG आधारित उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण महिलाओं को स्थिर और नियमित आय के मौके मिलेंगे।

अगर आप इस मिशन के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी चाहते हैं, तो अपने स्थानीय State Rural Livelihoods Mission (SRLM) कार्यालय या Gram Panchayat से संपर्क करें और वहाँ उपलब्ध घोषणाएँ देखें।

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