PM-RAHAT Scheme 2026: ₹1.5 लाख तक फ्री इलाज कैसे मिलेगा? जानें पात्रता और पूरी प्रक्रिया
सड़क हादसे के बाद सबसे बड़ी चिंता इलाज के पैसों की होती है। PM-RAHAT Scheme इसी समस्या का हल है।
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को शुरुआती कुछ घंटों में सही इलाज मिलना बहुत ज़रूरी होता है। कई बार अस्पताल में पैसे जमा करने की वजह से देरी हो जाती है। इसी को रोकने के लिए सरकार ने PM-RAHAT योजना शुरू की है। इसमें घायल व्यक्ति को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है, हादसे की तारीख से 7 दिन तक। इस लेख में हम पात्रता, इलाज की प्रक्रिया, पैसा कौन देता है और शिकायत कहाँ करें, सब आसान हिंदी में समझेंगे।
PM-RAHAT Scheme 2026 क्या है?
PM-RAHAT का पूरा नाम Road Accident Victim Hospitalisation and Assured Treatment है। यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की योजना है। PIB के अनुसार इसे 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री ने लॉन्च किया, और 19 फरवरी 2026 को इसका नाम PM-RAHAT रखा गया।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | PM-RAHAT Scheme 2026 |
| मंत्रालय | सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) |
| किसके लिए | मोटर वाहन से हुए सड़क हादसों के पीड़ित |
| इलाज की सीमा | ₹1.5 लाख प्रति पीड़ित |
| अवधि | हादसे की तारीख से अधिकतम 7 दिन |
| Nodal Agency | National Health Authority (NHA) |
योजना के मुख्य लाभ
- ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज, 7 दिन तक।
- लाभ किसी भी श्रेणी की सड़क पर हुए हादसे में मिलता है।
- शुरुआती Stabilisation इलाज: सामान्य मामलों में 24 घंटे, गंभीर मामलों में 48 घंटे।
- Hit-and-run और बिना बीमा वाली गाड़ी के मामलों का खर्च सरकार देती है।
- PIB के अनुसार यह योजना अन्य Central या State योजनाओं पर प्राथमिकता रखती है।
- हादसे की रिपोर्ट से भुगतान तक पूरा Digital Record रहता है।
इस योजना का लाभ किन लोगों को मिल सकता है?
- वे सभी लोग जो मोटर वाहन से हुए सड़क हादसे में घायल हुए हों।
- सड़क की कोई भी श्रेणी हो सकती है (हाईवे, राज्य मार्ग, शहर की सड़क)।
- इलाज Designated Hospital में होना चाहिए।
- हादसे की पुलिस द्वारा Authentication ज़रूरी है।
₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज कैसे मिलता है?
- हादसे की रिपोर्ट: पुलिस हादसे को MoRTH के eDAR प्लेटफॉर्म पर दर्ज करती है।
- भर्ती और इलाज: पीड़ित को Designated Hospital में भर्ती किया जाता है और NHA Health Benefit Packages के आधार पर इलाज शुरू होता है।
- Treatment ID: अस्पताल TMS 2.0 पर Treatment ID बनाता है, जो eDAR के ज़रिए ज़िला पुलिस तक पहुँचती है।
- पुलिस Authentication: सामान्य मामलों में 24 घंटे और जान को खतरे वाले मामलों में 48 घंटे के भीतर।
- क्लेम: क्लेम प्रोसेस होता है और State Health Agency से मंज़ूरी मिलती है।
- भुगतान: मंज़ूरी के बाद 10 दिन में भुगतान।
पीड़ित को अलग से कोई Application Form भरने की ज़रूरत PIB में नहीं बताई गई है।
दुर्घटना होने पर 112 हेल्पलाइन का उपयोग कैसे करें?
यह योजना ERSS-112 (Emergency Response Support System) से जुड़ी है। पीड़ित, राह-वीर (Good Samaritan) या मौके पर मौजूद कोई भी व्यक्ति मदद ले सकता है:
- हादसे की जगह से 112 डायल करें।
- सही जगह (Location) और घायलों की स्थिति बताएं।
- 112 से नज़दीकी Designated Hospital की जानकारी पूछें।
- ज़रूरत हो तो Ambulance मंगवाएं। आप दोनों, यानी अस्पताल की जानकारी और ambulance, माँग सकते हैं।
- घायल को बिना देर किए अस्पताल पहुँचाएं।
इलाज के लिए किन अस्पतालों में जाना होगा?
इलाज Designated Hospitals में मिलता है। PIB के अनुसार AB PM-JAY के वे Empanelled अस्पताल, जो इस योजना के NHA Guidelines का पालन करते हैं, Designated माने जाते हैं। 9 मार्च 2026 तक AB PM-JAY में 36,112 अस्पताल Empanelled थे। राज्य अतिरिक्त अस्पताल भी जोड़ सकते हैं।
इलाज का पैसा कौन देता है?
| स्थिति | भुगतान कहाँ से |
|---|---|
| बीमित वाहन से हादसा | Motor Vehicle Accident Fund (General Insurers का योगदान) |
| Hit-and-run / बिना बीमा वाहन | भारत सरकार (Budget से) |
शिकायत कहाँ करें?
हर ज़िले में District Road Safety Committee द्वारा नामित Grievance Redressal Officer होता है। समाधान न हो तो मामला District Collector और फिर State Road Safety Council तक जा सकता है।
PM-RAHAT Scheme से जुड़े जरूरी सवाल (FAQs)
क्या PM-RAHAT सामान्य स्वास्थ्य बीमा योजना है?
नहीं। यह सिर्फ सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के लिए है।
इस योजना में कितना इलाज फ्री है?
₹1.5 लाख तक प्रति पीड़ित, हादसे से 7 दिन तक।
योजना कब लॉन्च हुई?
PIB के अनुसार 13 फरवरी 2026 को; नाम PM-RAHAT 19 फरवरी 2026 को तय हुआ।
112 पर कॉल करने से क्या मिलता है?
नज़दीकी Designated अस्पताल की जानकारी और/या Ambulance।
क्या Hit-and-run में भी इलाज मिलेगा?
हाँ, इसका खर्च सरकार के Budget से होता है।
पुलिस Authentication कब तक होना चाहिए?
सामान्य मामलों में 24 घंटे, गंभीर मामलों में 48 घंटे।
क्लेम कितने दिन में निपटता है?
State Health Agency की मंज़ूरी के बाद 10 दिन में।
क्या अलग से Apply करना होगा?
PIB में पीड़ित के लिए अलग Application का ज़िक्र नहीं है; प्रक्रिया पुलिस और अस्पताल के सिस्टम से चलती है।
निष्कर्ष
PM-RAHAT 2026 सड़क हादसे के पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज देकर समय पर उपचार का भरोसा देती है। हादसे की स्थिति में पहले 112 पर कॉल करें और Designated अस्पताल पहुँचें। इसे अपने परिवार और दोस्तों तक ज़रूर पहुँचाएं।
Important Links
| Particulars | Link |
|---|---|
| Official Site (National Portal of India) | India.gov.in (PM-RAHAT) |
| PIB Official Release | PIB: PM RAHAT |
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